Translate
गुरुवार, 10 सितंबर 2020
मंगलवार, 8 सितंबर 2020
हिन्दी कविता बेरोजगारी | बेरोजगार की व्यथा | Hindi poem Unemployment
बेरोजगारी
Unemployment
दिनाँक 8 सितंबर 2020 समय 11.00 सुबह
रचना(लेखक)
सागर (गोरखपुरी)
रविवार, 6 सितंबर 2020
लव मैरेज हिंदी कहानी | लव स्टोरी |Love Marriage Hindi Story | Love Story |
हिन्दी लव स्टोरी
लव मैरिज
Love Marriage Hindi Story | Love Story
रचना(लेखक)
अमित सागर(गोरखपुरी)
गुरुवार, 3 सितंबर 2020
Love कविता | सब याद है मुझे | Hindi Poem All remember me
हिंदी कविता
सब याद है मुझे|All remember me
दिनाँक 02 सितंबर 2020 समय 5.30 सुबह
रचना(लेखक)
अमित सागर(गोरखपुरी)
मंगलवार, 1 सितंबर 2020
हिन्दी कहानी सियाचिन ग्लेशियर,एक फौजी की ज़ुबानी भाग 13 Hindi Story Siachen Glacier क्या है?
हिन्दी कहानी
सियाचिन ग्लेशियर,एक फौजी की जुबनी
Siachen Glacier क्या है?
(अभी तक इस कहानी में आपने पढ़ा कि अगले दिन हमें उस सफर का इन्तेज़ार था जिसे पूरी दुनिया मे सिर्फ चन्द लोग ही कर पाते है और हमें गर्व था कि उन चन्द लोगों में हम सब भी शामिल थे )
"अब आगे"
अगले दिन सुबह 6.30 मिनट पर हम सभी अपने पूरे सामान के साथ OP बाबा के मन्दिर पहुचे, माफ कीजियेगा आप सोच रहे होंगे कि ये OP बाबा कौन है आईये मैं आपको बताता हूँ कि कौन है ये "O P बाबा भारतीय सेना के एक बहादुर जवान थे और उन्हें सियाचिन ग्लेशियर में तैनात होने का अवसर मिला उसी दौरान एक ऑपरेशन में O P बाबा वीरगति को प्राप्त हुए तब से लेकर आज तक O P बाबा की आत्मा पूरे सियाचिन ग्लेशियर में पैराह देती है।
सियाचिन ग्लेशियर में जाने वाले या वहां से आने वाला हर एक सैनिक बिना O P बाबा के इज़्ज़ाज़त के बग़ैर यात्रा नही कर सकता है O P बाबा का नाम लेने से ही बड़ी सी बडी बाधा आसानी पर हो जाती है।
हम सभी बाबा के मंदिर में गये वहां सभी ने O P बाबा से अपनी कुशल यात्रा की बिनती की और जोश के साथ O P बाबा का जयकारा लगाया।
उसके बाद हम एक लम्बी कतार में खड़े हो गए हम सभी ने अपने आपको एक रस्सी से हुुक कर लिया और चलने को तैयार हो गये इस यात्रा से वापस लौटेंगे की नही इसकी कोई गैरन्टी नही थी। हम सभी के दिल मे अजीब सी उलझन थी पर कोई किसी से कुछ नही कह रहा था।
हम सभी एक दूसरे से गले मिले और अपना 30 kg का रुकसुक बैग अपने कंधों पर उठाया लिया और हाथ मे Ice Axe लेकर हम आगे बढ़ने लगे उस दिन हमे 12 किलोमीटर की दूरी तय करनी थी सफर शुरुआत से ही मुश्किल भरा था और इन सब के बीच घर की बहुत याद आ रही थी सच कहूं तो घर मे हमने बताया ही नही था कि हम कौन सी दुनिया की यात्रा पर जा रहे हैं जहां पर थोड़ी सी लापरवाही की सजा सिर्फ मौत हो सकती है हम लगातार आगे बढ़ रहे थे तभी।।.......
भाग 14 समाप्त।
(आगे और भी अच्छी बातें है अबतक बने रहिये मेरे साथ)
दिनाँक 31अगस्त 2020 समय 7.00 शाम
रचना(लेखक)
अमित सागर(गोरखपुरी)
रविवार, 30 अगस्त 2020
तन्हाई पर कविता |तन्हाई with amit sagar | तन्हाई क्या है ? | Hindi मेरी तन्हाई और मैं kavita
तन्हाई क्या है ?|Hindi तन्हाई पर कविता|
तन्हाई with amit sagar.
तन्हाई
loneliness
रचना(लेखक)
अमित सागर(गोरखपुरी)
शुक्रवार, 28 अगस्त 2020
नारी पर कविता | क्या है नारी ? Poem on women What is woman?
नारी
What is woman
बुधवार, 26 अगस्त 2020
हिन्दी कहानी सियाचिन ग्लेशियर, एक फौजी की जुबानी भाग 12 Hindi story siachen glacier
हिन्दी कहानी
सियाचिन ग्लेशियर,एक फौजी की जुबानी
Hindi story siachen glacier
सियाचिन ग्लेशियर, एक फौजी की जुबानी
(अभी तक आपने इस कहानी में पढ़ा कि किस तरह हम सभी अपनी ट्रेनिंग खत्म करके तीसरी बार मेडिकल चेकअप के लिए पहुंचे थे)
"अब आगे"
हमें ये मालूम हुआ कि हमारे टुकड़ी के एक जवान का सफर यहीं पर खत्म हो गया है हमें बड़ी तकलीफ हुई और अन्दर से अजीब सी उलझन महसूस हो रही थी उसके बाहर निकलते ही हम उसके करीब गये उसकी आँखों मे आँशु तो नही थे पर लग रहा था कि अभी उसके आंखों से आँशु निकल जाएंगे हमने उससे कुछ नही पूछा हमें सब मालूम हो चुका था कि चेकअप के दौरान उसका ब्लड प्रेशर 190/110 तक पहुच चुकता और अगर उसने सियाचिन ग्लेशियर का सफर किया तो उसकी जान भी जा सकती थी उसने हमसे कुछ नही बोला और वो बैरेक की तरफ चल पड़ा हममे से किसी ने उसे रोका नही, जब हम अपना चेकअप करके अपने बैरेक पहुंचे तो हम सभी ने उसे बहुत समझाया, वो समझ तो रहा पर उसके दिल की तकलीफ को हम अच्छी तरह समझ रहे थे।
अगली सुबह हम सभी एक कतार में सियाचिन कमान्डर के सामने मुखातिब हुए,कमान्डर हमें सियाचिन ग्लेशियर में होने वाली बहुत सारी परेशानियों,और मुश्किलों के साथ साथ वहां होने वाली दिक्कतों के बारे में हमसे disco's की और आखिर में उन्होंने हमें All the best.और Happy journey कहा और jai hind कहकर चले गए।
अब आगे की जो लड़ाई थी वो ज़िन्दगी और मौत की थी
अगर किसी ने इस सफर में लापरवाही की तो ज़िन्दगी सिर्फ चन्द लम्हो की होगी।
अगले दिन हमें उस सफर का इन्तेज़ार था जिसे पूरी दुनिया मे सिर्फ चन्द लोग ही कर पाते है और हमें गर्व था कि उन चन्द लोगों में हम सब भी शामिल थे ये सफर मुश्किलों भरा था पर दिल मे जो खुशी थी उसे लफ्जों में बयां कर पाना शायद थोड़ा मुश्किल था।
अगले दिन से शुरू होने वाले सफर में एक शख्स की दुआओं और मन्नतों ने मुझे जिंदा बचा लिए ।।
भाग 12 समाप्त।।
(आगे और भी रोचक बातें है जुड़े रहिये मेरे साथ)
सियाचिन ग्लेशियर भाग 13 www.amitsagar85.com/2020/09/13-hindi-story-siachen-glacier.html?m=1
दिनाँक 24 अगस्त 2020 समय 9.45 शाम
रचना(लेखक)
अमित सागर(गोरखपुरी)
सोमवार, 24 अगस्त 2020
हमेशा खुश कैसे रहें How to always be happy | हिंदी आर्टिकल खुश कैसे रहें | |हमेशा खुश कैसे रहें | हिंदी आर्टिकल | खुश रहने के तरीके | जीवन पर आर्टिकल |
हमेशा खुश कैसे रहें
How to always be happy all the time
How to always be happy all the time
हमेशा कैसे खुश रहें
खुशी क्या है ?
what is happiness
How to always be happy all the time
"खुश कैसे रहें"
How to be happy
"हमेशा कैसे खुश रहे"
"How happy always"
How to always be happy all the time
"खुशी हमारे अन्दर है"
Happiness lies in us
खुशी को कैसे महसूस करें
How to feel happy
How to always be happy all the time
Khush kaise raha jaye
"खुद के लिए भी जियें"
Live for yourself too
समाप्त।।
दिनाँक 24 अगस्त 2020 समय 10.00 रात्रि
लेखक
अमित सागर(सागर गोरखपुरी)
शनिवार, 22 अगस्त 2020
हिन्दी कहानी सियाचिन ग्लेशियर, एक फौजी की जुबानी भाग 11 Hindi story siachen glacier
हिन्दी कहानी
सियाचिन ग्लेशियर,फौजी की जुबानी
Siachen glacier
सियाचिन ग्लेशियर,एक फौजी की कहानी
रचना(लेखक)
अमित सागर(गोरखपुरी)
Most Recent post
लेखक !! Poem on Writer by sagar gorakhpuri !! लेखक पर कविता !! Poem on behalf of All Writer !! लेखक हिंदी कविता !! लेखक पर सबसे अच्छी कविता !!
लेखक मैं जन्मा जिस तरह उस तरह मरना नही चाहता हूँ। मैं लेखक हूँ सियाही से खुद की उम्र लिखना चाहता हूं। खुद के ख्वाहिशों के लिए अब वक़्त न...




















































